Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 73 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 73

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 73
Shloka
उच्चावचेषु भूतेषु दुर्ज्ञेयां अकृतात्मभिः। ध्यानयोगेन संपश्येद्गतिं अस्यान्तरात्मनः॥

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Meaning
(उच्च+अवचेषु भूतेषु) बड़े छोटे प्राणी और प्रप्राणियों में (अकृतात्मभिः दुर्जेयाम् अस्य + अन्तरात्मनः गतिम्) जो अशुद्धात्माओं से देखने के योग्य नहीं है उस अन्तर्यामी परमात्मा की गति अर्थात् प्राप्ति को (ध्यानयोगेन संपश्येत्) ध्यान योग से ही संन्यासी देखा करे ॥७३॥