Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 7 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 7

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 7
Shloka
यद्भक्ष्यं स्याद्ततो दद्याद्बलिं भिक्षां च शक्तितः। अम्मूलफलभिक्षाभिरर्चयेदाश्रमागतान्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यत् भक्ष्यं स्यात्) जो भी खाने का पदार्थ हो (ततः) उससे ही (बलि दद्यात्) वलिवैश्वदेव यज्ञ करे (च शक्तितः भिक्षाम) और यथाशक्ति भिक्षा भी दे (आश्रम + आगतान) आश्रम में आये अतिथियों को (अप्+मूल-फलभिक्षाभिः) जल, कन्दमूल, फलं आदि प्रदान करके (अर्चयेत्) उनका सत्कार करे॥७॥