Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 55 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 55

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 55
Shloka
एककालं चरेद्भैक्षं न प्रसज्जेत विस्तरे। भैक्षे प्रसक्तो हि यतिर्विषयेष्वपि सज्जति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(एककालं भैक्षं चरेत्) एक ही समय भिक्षा मांगे (विस्तरे न प्रसज्जेत) भिक्षा के अधिक विस्तार अर्थात् लालच में न पड़े (हि) क्योंकि (भै प्रसक्तः यतिः) भिक्षा के लालच में या स्वाद में मन लगाने वाला संन्यासी (विषयेषु अपि सज्जति) विषयों में भी फंस जाता है ॥५५॥