Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 49 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 49

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 49
Shloka
अध्यात्मरतिरासीनो निरपेक्षो निरामिषः। आत्मनैव सहायेन सुखार्थी विचरेदिह॥

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1 Bhashyas
Meaning
(इह अध्यात्मरतिः आसीन:) इस संसार में आत्मनिष्ठा में स्थित (निरपेक्षः) सर्वथा अपेक्षारहित (निरामिषः) माँस, मद्य आदि का त्यागी (आत्मनः एव सहायेन) आत्मा के सहाय से ही (सुखार्थी) सुखार्थी होकर (विचरेत्) विचरा करे और सबको सत्योपदेश करता रहे॥४९॥