Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 47 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 47

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 47
Shloka
अतिवादांस्तितिक्षेत नावमन्येत कं चन। न चेमं देहं आश्रित्य वैरं कुर्वीत केन चित्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अतिवादान् तितिक्षेत) अपमानजनक वचनों को सहन करले (कंचन न अवमन्येत) कभी किसी का अपमान न करे (च) और (इमं देहम् आश्रित्य) इस शरीर का प्राश्रम लेकर अर्थात् अपने शरीर – मन, वाणी, कर्म से (केनचित् वैरं न कुर्वीत) किसी से वैर न करे ॥४७॥