Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 33 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 33

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 33
Shloka
वनेषु च विहृत्यैवं तृतीयं भागं आयुषः। चतुर्थं आयुषो भागं त्यक्वा सङ्गान्परिव्रजेत्॥

Bhashya

Meaning
(एवं वनेषु आयुषः तृतीयं भागं विहृत्य) इस प्रकार जंगलों में आयु का तीसरा भाग अर्थात् अधिक से अधिक पच्चीस वर्ष अथवा न्यून से न्यून बारह वर्ष तक विहार करके (आयुष: चतुर्थं भागम्) आायु के चौथे भाग अर्थात् सत्तर वर्ष के पश्चात् (संगात् त्यक्त्वा) सब मोह आदि संगों को छोड़कर (परिव्रजेत्) संन्यासी हो जावे ॥३३॥