Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 3 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 3

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 3
Shloka
संत्यज्य ग्राम्यं आहारं सर्वं चैव परिच्छदम्। पुत्रेषु भार्यां निक्षिप्य वनं गच्छेत्सहैव वा॥

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1 Bhashyas
Meaning
जब वानप्रस्थ आश्रम की दीक्षा लेवें तब (ग्राम्यम् आहारम्) गांव में उत्पन्न हुए पदार्थों का आहार (च) और (सर्वम् एव परिच्छदम्) घर के सब पदार्थों को (संत्यज्य) छोड़के (पुत्रेषु भार्यां निक्षिप्य) पुत्रों में अपनी पत्नी को छोड़ (वा सह एव) अथवा संग में लेके (वनं गच्छेत्) वन को जावे॥३॥