Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 29 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 29

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 29
Shloka
एताश्चान्याश्च सेवेत दीक्षा विप्रो वने वसन्। विविधाश्चाउपनिषदीरात्मसंसिद्धये श्रुतीः॥

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Subject
(यात्रिकम्) जीवनयात्रा चलाने योग्य........
Meaning
(वने वसन्) इस प्रकार वन में वसता हुआ (एताः च अन्याः दीक्षा: सेवेत) इन और अन्य दीक्षाओं का सेवन करे (च) और (आत्मसंसिद्धये) आत्मा तथा परमात्मा के ज्ञान के लिए (विविधा: औपनिषदः श्रुती: नाना प्रकार की उपनिषद् अर्थात् ज्ञान और उपासना विधायक श्रुतियों के अर्थों का विचार किया करे ॥२९॥