Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 16 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 16

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 16
Shloka
न फालकृष्टं अश्नीयादुत्सृष्टं अपि केन चित्। न ग्रामजातान्यार्तोऽपि मूलाणि च फलानि च॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(फालकृष्टम्) हल से जोती हुई भूमि में उत्पन्न पदार्थों को (केनचित् उत्सृष्टम् अपि) किसी के द्वारा दिये जाने पर भी (च) और (ग्रामजातानि मूलानि च फलानि) ग्राम में उत्पन्न किये गये मूल और फलों को (अतः अपि न अश्नीयात्) भूख से पीड़ित होते हुए भी न खाये ॥१६॥