Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 11 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 11

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 11
Shloka
वासन्तशारदैर्मेध्यैर्मुन्यन्नैः स्वयं आहृतैः। पुरोडाशांश्चरूंश्चैव विधिवन्निर्वपेत्पृथक्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(वासन्त-शारदै: मेध्यैः स्वयम् ग्राहृतैः अन्नैः) वसन्त और शरद् ऋतु में प्राप्त होने वाले पवित्र और स्वयं लाये हुए नीवार आदि मुनि-अन्नों से (पुरोडाशान् च चरून् विधिवत् पृथक् निर्व॑पेत्) पुरोडाश और चरु नामक यज्ञीय हव्यों को विधि अनुसार अलग-अलग तैयार करे॥११॥