Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 1 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 1

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
6/1
Adhyay 6 Shloka 1
Shloka
एवं गृहाश्रमे स्थित्वा विधिवत्स्नातको द्विजः। वने वसेत्तु नियतो यथावद्विजितेन्द्रियः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(एवम्) पूर्वोक्त प्रकार (विधिवत् स्नातकः द्विजः) विधिपूर्वक ब्रह्मचर्य से पूर्ण विद्या पढ़के समावर्त्तन के समय स्नानविधि करने हारा द्विज - ब्राह्मणक्षत्रिय और वैश्य (विजितेन्द्रियः नियतः यथावत् गृहाश्रमे स्थित्वा) जितेन्द्रियजितात्मा होके, यथावत् गृहाश्रम करके (वने वसेन्) वन में वसे॥१॥