Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 8 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 8

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 8
Shloka
अनिर्दशाया गोः क्षीरं औष्ट्रं ऐकशफं तथा। आविकं संधिनीक्षीरं विवत्सायाश्च गोः पयः॥

Bhashya

Meaning
(मनिर्दशायाः गोः क्षीरम्) ब्याई हुई गौ का पहले दश दिन का दूध (ष्ट्रम्) ऊंटनी का (तथा ऐकशफम्) घोड़ी का (आविकम्) भेड़ का (संघिनीक्षीरम्) सांड के संसर्ग को चाहने वाली गौ का दूध (च) और (विवत्सायाः गोः पयः) जिसका बछड़ा या बछिया मर गई हो उस गो के दूध को भी छोड़ देवे॥८॥