Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 51 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 51

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 51
Shloka
अनुमन्ता विशसिता निहन्ता क्रयविक्रयी। संस्कर्ता चोपहर्ता च खादकश्चेति घातकाः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अनुमन्ता) मारने की आज्ञा देने वाला (विशसिता) मांस को काटने, वाला (निहन्ता) पशु को मारने वाला (क्रय-विक्रयी) पशुओं को मारने के लिए मोल लेने और बेचने वाला (संस्कृत) पकाने वाला (उपहर्त्ता) परोसने वाला (च) और (खादक:) खाने वाला (इति घातकाः) ये सब हत्यारे और पापी हैं॥५१॥