Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 49 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 49

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 49
Shloka
समुत्पत्तिं च मांसस्य वधबन्धौ च देहिनाम्। प्रसमीक्ष्य निवर्तेत सर्वमांसस्य भक्षणात्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(च) और (मांसस्य समुत्पत्तिम्) मांस की उत्पत्ति जैसे होती है उसको (देहिनां वघ-बन्धौ) प्राणियों की हत्या और बन्धन के कष्टों को (प्रसमीक्ष्य) देखकर (सर्वमांसस्य भक्षणात्) सब प्रकार के मांसभक्षरण से (निवर्तेत) दूर रहे॥४९॥