Adhyay 5
Shloka 45
Shloka
योऽहिंसकानि भूतानि हिनस्त्यात्मसुखेच्छया। स जीवांश्च मृतश्चैव न क्व चित्सुखं एधते॥
Shloka 45 Chapter Five
Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय