Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 24 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 24

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
5/24
Adhyay 5 Shloka 24
Shloka
यत्किं चित्स्नेहसंयुक्तं भक्ष्यं भोज्यं अगर्हितम्। तत्पर्युषितं अप्याद्यं हविःशेषं च यद्भवेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(अर्गाहितम्) दोषरहित या अनिन्दित (यत् किंचित् भोज्यं स्नेह-संयुक्तम्) जो कोई खाने की वस्तु चिकनाई अर्थात् घृत आदि से मिलाकर बनायी गयी हो (तत् पर्युषितम् अपि) वह बासी भी (भोज्यम्) खा लेनी चाहिए (च) तथा (यत् हवि:शेषं भवेत्) जो यज्ञ की हवि से बची खाद्यवस्तु हो वह भी (आद्यम्) खा लेनी चाहिए॥२४॥