Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 146 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 146

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 146
Shloka
एषां शौचविधिः कृत्स्नो द्रव्यशुद्धिस्तथैव च। उक्तो वः सर्ववर्णानां स्त्रीणां धर्मान्निबोधत॥

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1 Bhashyas
Meaning
(एषः) यह (सर्ववर्णानां कृत्स्नः शौचविधिः) सब वर्गों के लिए सम्पूर्ण शरीर-शुद्धि (च) और (तथा + एव) उसी प्रकार (द्रव्यशुद्धिः) पदार्थों की शुद्धि (वः उक्तः) तुम्हें कही (स्त्रीणां धर्मान् निबोधत) अब स्त्रियों के धर्मो = कर्त्तव्यों को सुनो —॥१४६॥