Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 124 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 124

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

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Adhyay 5 Shloka 124
Shloka
संमार्जनोपाञ्जनेन सेकेनोल्लेखनेन च। गवां च परिवासेन भूमिः शुध्यति पञ्चभिः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(संमार्जन + उपाञ्जनेन सेकेन + उल्लेखनेन च गवां परिवासेन पञ्चभिः) बुहारना, लीपना, छिड़काव करना या धोना, खुरचना और गौनों का निवासइन पांच कामों से (भूमिः शुद्धयति) भूमि शुद्ध होती है॥१२४॥