Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 123 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 123

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 123
Shloka
मद्यैर्मूत्रैः पुरीषैर्वा ष्ठीवनैह्पूयशोणितैः। संस्पृष्टं नैव शुद्ध्येत पुनःपाकेन मृन्मयम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(मद्यैः मूत्रैः पुरीषैः ष्ठीवन: पूयशोणितैः) शराब, मूत्र, मल, थूक, राद, खून इनसे (संस्पृष्टं मृन्मयम्) लिपा हुआ मिट्टी का बर्तन (पुन: पाकेन नैव शुद्धयत) फिर पकाने से भी शुद्ध नहीं होता॥१२३॥