Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 120 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 120

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 120
Shloka
कौशेयाविकयोरूषैः कुतपानां अरिष्टकैः। श्रीफलैरंशुपट्टानां क्षौमाणां गौरसर्षपैः॥

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Meaning
(कौशेय+आविकयो:) रेशमी और ऊनी वस्त्रों की शुद्धि (ऊषः) क्षारमिश्रित पदार्थों से (कुतपानाम्) कम्बलों की शुद्धि (अरिष्टकंः) रीठों से (अंशुपट्टानां श्रीफलैः) सन आदि से बने कपड़ों की शुद्धि बेलफलों से (क्षौमाणां गौरसर्षपैः) छाल से बने वस्त्रों की शुद्धि सफेद सरसों से होती है ॥१२०॥