Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 118 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 118

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 118
Shloka
अद्भिस्तु प्रोक्षणं शौचं बहूनां धान्यवाससाम्। प्रक्षालनेन त्वल्पानां अद्भिः शौचं विधीयते॥

Bhashya

Meaning
(बहूनां धान्यवाससां शौचम् अद्भिः प्रोक्षणम्) बहुत-से अन्नों और वस्त्रों की शुद्धि जल से पोंछने अर्थात् डुबाने मात्र से हो जाती है (तु) किन्तु (अल्पानाम्) कुछ ग्रन्न एवं वस्त्रों की (शौचम्) शुद्धि (अद्भिः प्रक्षालनेन विधीयते) जल से मलकर धोने से होती है॥११८॥