Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 105 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 105

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
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Adhyay 5 Shloka 105
Shloka
ज्ञानं तपोऽग्निराहारो मृन्मनो वार्युपाञ्जनम्। वायुः कर्मार्ककालौ च शुद्धेः कर्तॄणि देहिनाम्॥

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Subject
शुद्धिकारक पदार्थ
Meaning
(ज्ञानं तपः अग्निः आहारः मृदु मनः वारि उपाञ्जनं वायुः कर्म अर्ककालौ) ज्ञान, तप, अग्नि, आहार, मिट्टी, मन, जल, लेप करना, वायु, कर्म, सूर्य और काल (देहिनां शुद्धेः कर्तृ॰णि) ये प्राणियों की शुद्धि करने वाले पदार्थ हैं॥१०५॥