Adhyay 5

Manusmriti

Shloka 10 Chapter Five

Adhyay 5
Shloka 10

Chapter Five

Subject: गृहस्थान्तार्गत - भक्ष्याभक्ष्य - देहशुद्धि - द्रव्यशुद्धि - स्त्रीधर्म विषय

169 Shloka
5/10
Adhyay 5 Shloka 10
Shloka
दधि भक्ष्यं च शुक्तेषु सर्वं च दधिसंभवम्। यानि चैवाभिषूयन्ते पुष्पमूलफलैः शुभैः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(शुक्तेषु) खट्टे पदार्थों में (दधि च सर्वं दधिसंभवम् भक्ष्यम्) दही और दही से बनने वाले सभी छाछ, मक्खन आदि पदार्थ खाने योग्य हैं (च) और (यानि) जितने पदार्थ (शुभः) हितकारी या गुणकारक (पुष्प-मूल-प -फल: अभिषूयन्ते) फूल, मूल, फलों से तैयार किये जाते हैं वे भी खाने योग्य हैं॥१०॥