Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 92 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 92

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 92
Shloka
ब्राह्मे मुहूर्ते बुध्येत धर्मार्थौ चानुचिन्तयेत्। कायक्लेशांश्च तन्मूलान्वेदतत्त्वार्थं एव च॥

Bhashya

Subject
ब्राह्ममुहूत्तं में जागरण
Meaning
(ब्राह्म मुहूर्त्ते दुध्येत) रात्रि के चौथे प्रहर अथवा चार घड़ी रात से उठे (धर्माथ) आवश्यक कार्य करके धर्म और अर्थ (कायक्लेशान् च तन्मूलान्) शरीर के रोगों और उनके कारणों को (च) और (वेदातत्त्वार्थम् एव अनुचिन्तयेत्) परमात्मा का ध्यान करे, कभी अधर्म का आचरण न करे॥९२॥