Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 35 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 35

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 35
Shloka
क्ल्प्तकेशनखश्मश्रुर्दान्तः शुक्लाम्बरः शुचिः। स्वाध्याये चैव युक्तः स्यान्नित्यं आत्महितेषु च॥

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Subject
स्वाध्याय में तत्पर रहना
Meaning
(क्लृप्त-केश-नख-श्मश्रुः) केश, नाखून और दाढ़ी कटवाता रहे (दान्तः) सहिष्णु रहे (शुक्लाम्बर:) श्वेतवस्त्र धारण करे (शुचिः) स्वच्छता रखे (च) और (नित्यं स्वाध्याये च आत्महितेषु युक्तः स्यात्) प्रतिदिन वेदों के स्वाध्याय और अपनी उन्नति में लगा रहे ॥३५॥