Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 241 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 241

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 241
Shloka
मृतं शरीरं उत्सृज्य काष्ठलोष्टसमं क्षितौ। विमुखा बान्धवा यान्ति धर्मस्तं अनुगच्छति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(मृतं शरीरं काष्ठलोष्ठसमं क्षितौ उत्सृज्य) जब कोई किसी का सम्बन्धी मर जाता है उसको मट्टी के ढेले के समान भूमि में छोड़कर पीठ दे (बान्धवाः विमुखाः यान्ति) बन्धुवर्ग विमुख होकर चले जाते हैं, कोई उसके साथ जाने वाला नहीं होता, किन्तु (धर्म: तम् अनुगच्छति) एक धर्म ही उसका संगी होता है ॥२४१॥