Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 204 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 204

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 204
Shloka
यमान्सेवेत सततं न नित्यं नियमान्बुधः। यमान्पतत्यकुर्वाणो नियमान्केवलान्भजन्॥

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Subject
यम-सेवन की प्रधानता
Meaning
(यमान् सततं सेवेत) यमों का सेवन नित्य करे (नित्यं नियमान् न) केवल नियमों का नहीं, क्योंकि (यमान् अकुर्वाणः) यमों को न करता हुआ और (केवलान् नियमान् भजन्) केवल नियमों का सेवन करता हुआ भी (पतति) अपने कर्त्तव्य से पतित हो जाता है, इसलिए यमसेवनपूर्वक नियम-सेवन नित्य किया करे॥२०४॥