Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 20 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 20

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 20
Shloka
यथा यथा हि पुरुषः शास्त्रं समधिगच्छति। तथा तथा विजानाति विज्ञानं चास्य रोचते॥

Bhashya

Meaning
(पुरुष:) मनुष्य (यथा - यथा शास्त्रं समधिगच्छति) जैसे-जैसे शास्त्र का विचार कर उसके यथार्थ भाव को प्राप्त होता है (तथा तथा विजानाति) वैसे वैसे अधिक जानता जाता है (च) और (अस्य विज्ञानं रोचते) इसकी प्रीति विज्ञान ही में होती जाती है ॥२०॥