Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 194 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 194

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 194
Shloka
यथा प्लवेनाउपलेन निमज्जत्युदके तरन्। तथा निमज्जतोऽधस्तादज्ञौ दातृप्रतीच्छकौ॥

Bhashya

Meaning
(यथा उपलेन प्लवेन) जेसे पत्थर की नौका में बैठकर (उदके तरन् निमज्जति) जल में तरने वाला डूब जाता है (तथा) वैसे (अज्ञो. दातृ-प्रति + इच्छकौ) अज्ञानी दाता और गृहीता दोनों (अधस्तात् निमज्जतः) अधोगति अर्थात् दुःख को प्राप्त होते हैं ॥१९४॥