Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 19 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 19

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 19
Shloka
बुद्धिवृद्धिकराण्याशु धन्यानि च हितानि च। नित्यं शास्त्राण्यवेक्षेत निगमांश्चैव वैदिकान्॥

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Meaning
हे स्त्रीपुरुषो ! तुम (धन्यानि आशु बुद्धिवृद्धिकराणि च हितानि शास्त्रारिण) जो धर्म-धन और बुद्धयादि को अत्यन्त शीघ्र बढ़ाने हारे हितकारी शास्त्र हैं उनको (च) और (वैदिकान् निगमान्) वेद के भागों की विद्याओं को (नित्यम् अवेक्षेत) नित्य देखाकरो ॥१६॥