Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 173 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 173

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 173
Shloka
यदि नात्मनि पुत्रेषु न चेत्पुत्रेषु नप्तृषु। न त्वेव तु कृतोऽधर्मः कर्तुर्भवति निष्फलः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यदि न आत्मनि) यदि अधर्म का फल कर्त्ता की विद्यमानता में न हो तो (पुत्रेषु) पुत्रों (पुत्रेषु न चेत् नप्तृषु) यदि पुत्रों के समय में न हो तो नातियों = पोतों के समय में अवश्य प्राप्त होता है (तु) किन्तु (न एवं तु) यह कभी नहीं हो सकता कि (कर्त्तु: अधर्मः निष्फलः भवति) कर्त्ता का किया हुआ कर्म निष्फल होवे ॥१७३॥