Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 171 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 171

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
4/171
Adhyay 4 Shloka 171
Shloka
न सीदन्नपि धर्मेण मनोऽधर्मे निवेशयेत्। अधार्मिकानां पापानां आशु पश्यन्विपर्ययम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(अधार्मिकाणां पापानां आशु विपर्ययम्) अधार्मिक पापियों का [ यदि पापों से उनकी उन्नति और समृद्धि हो गई है तो भी] शीघ्र ही उलटा विनाश होता है (पश्यन्) यह समझते हुए (धर्मेण सीदन् अपि) धर्माचररण से कष्ट उठाता हुआ भी (अधर्मे मनः न निवेशयेत्) अधर्म में मन को न लगावे अर्थात् धर्म का ही पालन करता रहे॥१७१ ।।