Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 17 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 17

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 17
Shloka
सर्वान्परित्यजेदर्थान्स्वाध्यायस्य विरोधिनः। यथा तथाध्यापयंस्तु सा ह्यस्य कृतकृत्यता॥

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1 Bhashyas
Meaning
(स्वाध्यायस्य विरोधिनः सर्वान् अर्थान् परित्यजेत्) जो स्वाध्याय और धर्मविरोधी व्यवहार वा पदार्थ हैं उन सब को छोड़ देवे (यथा तथा अध्यापयन् तु) जिस किसी प्रकार से विद्या को पढ़ाते रहना ही (सा हि अस्य कृतकृत्यता) गृहस्थ को कृतकृत्य होना है ॥१७॥