Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 160 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 160

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
4/160
Adhyay 4 Shloka 160
Shloka
सर्वं परवशं दुःखं सर्वं आत्मवशं सुखम्। एतद्विद्यात्समासेन लक्षणं सुखदुःखयोः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
क्योंकि (परवशं सर्वं दुःखम्) जितना परवश होना है वह सब दुःख, और (आत्मवशं सर्वं सुखम्) जितना स्वाधीन रहना है वह सब सुख कहाता है (एतत् समासेन सुखदुःखयोः लक्षणं विद्यात्) यही संक्षेप से सुख और दुःख का लक्षण जानो॥१६०॥