Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 156 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 156

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 156
Shloka
आचाराल्लभते ह्यायुराचारादीप्सिताः प्रजाः। आचाराद्धनं अक्षय्यं आचारो हन्त्यलक्षणम्॥

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Meaning
(आचारात हि आयु:) धर्माचरण से दीर्घायु (आचारात् ईप्सिताः प्रजा:) आचार से उत्तम सन्तान (आचारात् अक्षय्यं धनम्) आचार से अक्षय धन (लभते) प्राप्त होता है (आचार: अलक्षणं हन्ति) धर्माचरण बुरे अधर्मयुक्त लक्षणों का नाश कर देता है ॥१५६॥