Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 13 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 13

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 13
Shloka
अतोऽन्यतमया वृत्त्या जीवंस्तु स्नातको द्विजः। स्वर्गायुष्ययशस्यानि व्रताणीमानि धारयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अतः) इसलिए (स्नातकः द्विजः) स्नातक गृहस्थी द्विज (अन्यतमया) अपेक्षाकृत किसी श्रेष्ठ (वृत्त्या) आजीविका से (जीवन्) जीवननिर्वाह करते हुए (स्वर्ग- आयुष्य-यशस्यानि इमानि व्रतानि धारयेत्) सुख, आयु और यश देने वाले इन व्रतों को धारण करे ॥१३॥