Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 1 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 1

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

260 Shloka
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Adhyay 4 Shloka 1
Shloka
चतुर्थं आयुषो भागं उषित्वाद्यं गुरौ द्विजाः। द्वितीयं आयुषो भागं कृतदारो गृहे वसेत्॥

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1 Bhashyas
Subject
गृहस्थान्तर्गत भाजीविका सम्बन्धी कर्त्तव्य
Meaning
(द्विजः) द्विज-ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य (आद्यम्) पहले (आयुष: चतुर्थं भागम्) आयु के चौथाई भाग तक [कम से कम पच्चीस वर्ष पर्यन्त] (गुरौ उषित्वा) गुरु के समीप रहकर अर्थात् गुरुकुल में रहते हुए अध्ययन और ब्रह्मचर्यपालन करके (आयुष: द्वितीयं भागम्) आयु के दूसरे भाग में (कृतदार:) विवाह करके (गृहे वसेत्) घर में निवास करे॥१॥