Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 99 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 99

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 99
Shloka
संप्राप्ताय त्वतिथये प्रदद्यादासनोदके। अन्नं चैव यथाशक्ति सत्कृत्य विधिपूर्वकम्॥

Bhashya

Meaning
(तु) और (संप्राप्ताय अतिथये) आये हुए अतिथि के लिए (विधिपूर्वक सत्कृत्य) व्यवहार की उचित विधि के अनुसार सत्कार करके (यथाशक्ति) शक्ति के अनुसार (आसन + उदकेच अन्नम् एव) ग्रासन और जल तथा अन्न भो (प्रदद्यात्) प्रदान करे ॥९९॥