Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 9 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 9

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 9
Shloka
न र्क्षवृक्षनदीनाम्नीं नान्त्यपर्वतनामिकाम्। न पक्ष्यहिप्रेष्यनाम्नीं न च भीषननामिकाम्॥

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1 Bhashyas
Subject
विवाह में त्याज्य कन्याएँ
Meaning
(कपिलाम्) पीले वर्ण वाली (अधिक + अङ्गीम्) अधिक अङ्गवाली जैसी छंगुली आदि (रोगिणीम्) रोगवती (अलोमिकाम्) जिस के शरीर पर कुछ भी लोम न हों (अतिलोमाम्) जिसके शरीर पर बड़े-बड़े लोम हों (वाचाटाम्) व्यर्थ अधिक बोलने हारी (पिङ्गलाम्) जिसके पीले बिल्ली के सदृश्य नेत्र हों, तथा (ऋक्ष वृक्ष-नाम्नीम्) जिस कन्या का ऋक्ष = नक्षत्र पर नाम अर्थात् रेवती रोहिणी इत्यादि,नदी = जिसका गंगा, यमुना इत्यादि (अन्त्य - पर्वत-नामिकाम्) पर्वत = जिसका विन्ध्याचला इत्यादि (पक्षी + अहि-प्रेष्य-नाम्नीम्) पक्षी अर्थात् कोकिला, हंसा इत्यादि अहि अर्थात् उरगा, भोगिनी इत्यादि, प्रेष्य = दासी इत्यादि और जिस कन्या का (भोषरगनामिकाम्) कालिका, चंडिका इत्यादि नाम हो (न) उससे विवाह न करे॥९॥