Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 71 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 71

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 71
Shloka
पञ्चैतान्यो महाअयज्ञान्न हापयति शक्तितः। स गृहेऽपि वसन्नित्यं सूनादोषैर्न लिप्यते॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यः) जो (एतान् पञ्चमहायज्ञान शक्तितः न हापयति) इन पाँच महायज्ञों को यथाशक्ति नहीं छोड़ता (सः) वह (गृहे अपि वसन्) घर में रहता हुआ भी (नित्यम्) प्रतिदिन (सूनादोषैः न लिप्यते) चुल्लो आदि में हुए हिंसा के दोषों से लिप्त नहीं होता [यतो हि यज्ञों के पुण्यों से उनका शमन होता रहता है] ॥७१॥