Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 48 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 48

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 48
Shloka
युग्मासु पुत्रा जायन्ते स्त्रियोऽयुग्मासु रात्रिषु। तस्माद्युग्मासु पुत्रार्थी संविशेदार्तवे स्त्रियम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(युग्मासु पुत्राः जायन्ते) युग्म अर्थात् समसंख्या की रात्रियों-छठी, आठवीं दशमी, द्वादशी, चतुर्दशी, षोडशी में समागम करने से पुत्र उत्पन्न होते हैं (अयुग्मासु रात्रिषु स्त्रियः) विषमसंख्या वाली अर्थात् पांचवीं, सातवीं, नवमी, पन्द्रहवीं रात्रियों में लड़की उत्पन्न होतो है (तस्मात्) इसलिए (पुत्रार्थी) पुत्र की इच्छा रखने वाला पुरुष (आवे युग्मासु स्त्रियं संविशेत्) ऋतुकाल में समरात्रियों में स्त्री से समागम करे॥४८॥