Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 46 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 46

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 46
Shloka
ऋतुः स्वाभाविकः स्त्रीणां रात्रयः षोडश स्मृताः। चतुर्भिरितरैः सार्धं अहोभिः सद्विगर्हितैः॥

Bhashya

Meaning
(स्त्रीणां स्वाभाविक ऋतु:) स्त्रियों का स्वाभाविक ऋतुकाल (षोडश रात्रयः स्मृताः) सोलह रात्रि का है अर्थात् रजोदर्शन दिन से लेके सोलहवें दिन तक ऋतु समय है (इतरैः सद्विर्गाहतैः चतुभिः ग्रहोभिः सार्धम्) उनमें से प्रथम की चार रात्रि अर्थात् जिस दिन रजस्वला हो उस दिन से लेके चार दिन निन्दित हैं ।। ४६ ।। (सं० वि० गर्भाधान सं०) सद्विगहितैः॥४६॥