Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 41 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 41

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 41
Shloka
इतरेषु तु शिष्टेषु नृशंसानृतवादिनः। जायन्ते दुर्विवाहेषु ब्रह्मधर्मद्विषः सुताः॥

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Meaning
(इतरेषु तु शिष्टेषु दुर्विवाहेषु) चार विवाहों से जो बाकी रहे चारआसुर, गान्धर्व, राक्षस और पैशाच, इन चार दुष्ट विवाहों से उत्पन्न हुए (सुताः) सन्तान (नृशंसा + प्रनृतवादिनः) निन्दित कर्मकर्त्ता. मिथ्यावादी (ब्रह्मधर्मद्विषः) वेदधर्म के द्वेषी बड़े नीच स्वभाव वाले (जायन्ते) होते हैं॥४१॥