Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 34 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 34

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 34
Shloka
सुप्तां मत्तां प्रमत्तां वा रहो यत्रोपगच्छति। स पापिष्ठो विवाहानां पैशाचश्चाष्टमोऽधमः॥

Bhashya

Meaning
(सुप्तां मत्तां वा प्रमत्ताम्) जो सोती, पागल हुई वा नगा पीकर उन्मत्त हुई कन्या को (रहः यत्र उपगच्छति) एकान्त पाकर दूषित कर देना (सः विवाहानाम् अधमः पापिष्ठः पैशाच:) यह सब विवाहों में नीच से नीच= महानीच, दुष्ट अतिदुष्ट, 'पैशाच विवाह' है ॥३४॥