Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 20 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 20

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 20
Shloka
चतुर्णां अपि वर्णानं प्रेत्य चेह हिताहितान्। अष्टाविमान्समासेन स्त्रीविवाहान्निबोधत॥

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1 Bhashyas
Subject
आठ प्रकार के विवाह
Meaning
(चतुर्णाम् अपि वर्णानाम्) चारों वर्गों-ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र और वैश्यों के (प्रेत्य च इह हित+अहितान्) परलोक में और इस लोक में हित करने वाले तथा अहित करने वाले (इमान् ऋष्टी स्त्रीविवाहान्) इन आठ प्रकार के स्त्रियों के साथ होने वाले विवाहों को (समासेन) संक्षेप से (निबोधत) जानो सुनो॥२०॥