Adhyay 3

Manusmriti

Shloka 114 Chapter Three

Adhyay 3
Shloka 114

Chapter Three

Subject: समावर्तन, विवाह एवं पञ्चयज्ञविधान

286 Shloka
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Adhyay 3 Shloka 114
Shloka
सुवासिनीः कुमारीश्च रोगिणो गर्भिणीः स्त्रियः। अतिथिभ्योऽग्र एवैतान्भोजयेदविचारयन्॥

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Meaning
(सुवासिनी: च कुमारी:) नव विवाहिता और अल्पवयस्क कन्याओं को (रोगिण:) रोगियों को (गर्भिणी: स्त्रियः) गर्भवती स्त्रियों को (एतान्) इन्हें (अतिथिभ्यः अग्र एव) अतिथियों से पहले ही (अविचारयन्) विना किसी संदेह के अर्थात् बड़े-छोटे को पहले-पीछे भोजन कराने का विचार किये बिना (भोजयेत्) खिला दे॥११४॥