Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 97 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 97

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 97
Shloka
अभिवादात्परं विप्रो ज्यायांसं अभिवादयन्। असौ नामाहं अस्मीति स्वं नाम परिकीर्तयेत्॥

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Subject
अभिवादन विधि
Meaning
असौ नामाहमस्मीति (विप्रः) द्विज (ज्यायांसम् अभिवादयन्) अपने से बड़े को नमस्कार करते. हुए (अभिवादात् परम्) अभिवादनसूचक शब्द के बाद ('अहं असौ नामा अस्मि' इति) 'मैं अमुक नाम वाला हूँ' ऐसा कहते हुए (स्वं नाम परिकीर्त्तयेत्) अपना नाम बतलाये, जैसे – अभिवादये अहं देवदत्तः [शेष विधि २ | १६ - मैं है]॥१७॥