Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 94 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 94

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 94
Shloka
शय्यासनेऽध्याचरिते श्रेयसा न समाविशेत्। शय्यासनस्थश्चैवैनं प्रत्युत्थायाभिवादयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(श्रेयसा) गुरुजन आदि बड़ों द्वारा (अध्याचरिते) प्रयोग में लायी जाने वाली (शय्या-आसने) शय्या [ पलंग आदि ] आसन पर (न समाविशेत्) न बैठे (च) और (शय्यासनस्थः) यदि अपनी शय्या और आसन पर लेटा या बैठा हो तो (एनम्) इन गुरुजन आदि बड़ों को (प्रत्युत्थाय अभिवादयेत्) उनके आने पर उठकर नमस्कार करे॥१४॥