Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 9 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 9

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 9
Shloka
चतुर्थे मासि कर्तव्यं शिशोर्निष्क्रमणं गृहात्। षष्ठेऽन्नप्राशनं मासि यद्वेष्टं मङ्गलं कुले॥

Bhashya

Subject
निष्क्रमण और अन्नप्राशन संस्कार
Meaning
चतुर्थे मासि कर्तव्यं शिशोनिष्क्रमणं गृहात् । षष्ठेन्नप्राशनं मासि यद्वेष्टं मङ्गलं कुले॥६॥[३४] (६) (शिशो:) बालक का (गृहात निष्क्रमरणं) घर से बाहर निकालने का 'निष्क्रमण संस्कार' (चतुर्थे मासि) चौथे मास में (कर्त्तव्यम्) करना चाहिए और (अन्नप्राशनम्) अन्न खिलाने का संस्कार–'अन्नप्राशन' (षष्ठे मासि) छठे मास में (वा) अथवा (यत् कुले इष्टं मंगलम्) जब भी परिवार को अभीष्ट अथवा शुभ समय प्रतीत हो, तब करे॥९॥