Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 85 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 85

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

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Adhyay 2 Shloka 85
Shloka
नापृष्टः कस्य चिद्ब्रूयान्न चान्यायेन पृच्छतः। जानन्नपि हि मेधावी जडवल्लोक आचरेत्॥

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1 Bhashyas
Subject
प्रश्नादि के बिना उपदेश निषेध
Meaning
(न, अपृष्टः) कभी बिना पूछे (च) वा (अन्यायेन पृच्छतः) अन्याय से पूछने वाले को कि जो कपट से पूछता हो (कस्यचिद् न ब्रू यात्) ऐसे किसी को उत्तर न देवे (मेधावी) उनके सामने बुद्धिमान् + (जडवत् आचरेत्) जड़ के समान रहे, हाँ जो निष्कपट और जिज्ञासु हों उनको बिना पूछे भी उपदेश करे॥८५॥